जीएसटी चोरी रोकने के लिए आ रही नई तकनीक, पहले चरण में इन जगहों पर होगी निगरानी

अक्सर जीएसटी चोरी की खबरें सामने आती रहती हैं। लेकिन अब सरकार इसे रोकने के लिए नए कदम उठाएगी। अब सरकार नकली बिलों और जीएसटी दावों पर अंकुश लगाने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। पहले चरण में इसका उपयोग गोदामों और माल की आवाजाही की निगरानी के लिए किया जाता है।

आसानी से पकड़े जा सकते हैं फर्जी दावेदार

इस तकनीक से फर्जी दावा करने वालों को कागज पर सामान की डिलीवरी दिखाकर पकड़ा जा सकता है। जीएसटी के डिजिटलीकरण के क्रम में और भी कई नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। ब्लॉकचेन तकनीक वही तकनीक है जिसका इस्तेमाल क्रिप्टो के लिए किया जाता है।

पहले चरण में स्टॉक की निगरानी

जीएसटी के डिजिटलीकरण के क्रम में और भी कई नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। वहीं, वेयरहाउस मॉनिटरिंग के लिए ब्लॉकचेन तकनीक पर काम किया जा रहा है।

इस प्रणाली के तहत माल की आवाजाही और दस्तावेजीकरण किया जाता है। इस तरह उद्यमी के साथ-साथ विभाग को भी सटीक जानकारी मिलती है।

नकली बिलिंग रोकने में मदद करता है

इस प्रणाली से फर्जी चालान और फर्जी दावों की तुरंत चेतावनी दी जाती है। जीएसटी में क्रेडिट फ्लो की टेक्नोलॉजी मॉनिटरिंग भी होगी।

एक ही आधार से पंजीकृत विभिन्न कंपनियों में क्रेडिट मूवमेंट भी होगा। इससे कार्यशील पूंजी की समस्या नहीं होगी। एक राज्य से दूसरे राज्य में क्रेडिट के प्रवाह को आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) खाता बही के माध्यम से व्यवस्थित किया जाता है।

इस पहल में राज्य कर प्राधिकरण, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शामिल होंगे। साथ ही, यह अधिकार विदेश व्यापार के सामान्य निदेशालय और विभिन्न संघीय और राज्य प्राधिकरणों को भी प्रदान किया गया था।

यह भी पढ़ें :–

इस भारतीय कंपनी ने दस लाख से अधिक दोपहिया वाहनों का निर्यात किया है और 80 देशों में सक्रिय है

 

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.