ध्रुवीय भालू ध्रुव छोड़कर समुद्र के किनारे आने लगे हैं

जलवायु परिवर्तन का असर ध्रुवीय भालूओं पर भी देखने को मिलने लगा है क्योंकि एक अध्ययन में पाया गया है कि ध्रुवीय भालू ध्रुवों को छोड़कर समुद्र के किनारे आने लग गए हैं जिससे इस बात की संभावना भी बढ़ जाती है कि इनका सामना इंसानों से होने लगेगा जो कि इंसानों के लिए काफी खतरनाक हो सकता है अलास्का के वैज्ञानिकों ने एक अनुमान लगाया है कि आने वाले समय में  ध्रुवीय भालू इंसान की आबादी के और करीब आ सकते हैं जो कि लोगों की परेशानी को बढ़ा देगी इनकरेज डेली न्यूज के अनुसार अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन  से यह निष्कर्ष निकाला है कि समुद्री बेर्फो में रहने योग्य स्थान में बदलाव आ रहा है ऐसे में ध्रुवीय भालूओ ने जमीन  की तरफ आना शुरू कर दिया है

गर्मियों में जब बर्फ पिघलने लगती है तो ध्रुवीय भालू ब्यूफोड़ सागर में उतरने के बाद जमीन पर आने लगते हैं वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया है कि 1990 के बाद जलवायु परिवर्तन के कारण बर्फ पिघलने का औसत समय 36 दिनों तक बढ़ गया है भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के ध्रुवीय भालू अनुसंधान कार्यक्रम के नेतृत्व करने वाले वन्य जीव विज्ञानी टड़बुल के अनुसार ध्रुवीय भालू पिछले दशक से अब जमीन पर ज्यादा दिखने लगे है सामान्यता यह अगस्त के मध्य में समुद्र के किनारे पहुंचते हैं लेकिन मई में इनकरेज से लगभग 1,030 किलोमीटर दूर एक छोटे शहर ककटोविक में भालू देखा गया था

वैज्ञानिकों का मानना है कि आर्कटिक में बढ़ती गतिविधियों के कारण ऐसा संभव है कि भालू इंसानी आवासों की ओर आने लग जाए जलवायु परिवर्तन के कारण हिमखंड पिघल रहे हैं उत्तरीऔर दक्षिणी ध्रुव की बर्फी भी पिघल रही हैं ध्रुवीय भालूओं का जमीन की ओर आना याहसाबित करता है कि जलवायु परिवर्तन का असर इंसानों के साथ साथ ध्रुवीय भालुओं पर भी पड़ रहा है इसलिए उनके संरक्षण के लिए जल्द से जल्द सख्त कदम उठाया जाना चाहिए जिससे ये जानवर अपने निश्चित क्षेत्र में ही रहें और जमीन पर न आएं

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