बजट 2019-20  :जानिए क्या मिला है खास मोदी सरकार-2 के बजट में गरीब और किसान को

इंदिरा गाँधी के बाद शुक्रवार को संसद में देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। 49 साल बाद ये दूसरा मौका है जब किसी महिला ने देश का बजट पेश किया हो ,इससे पूर्व इंदिरा गाँधी ने 1970  में देश का पहला यूनियन बजट संसद में पेश किया था,हाँ किन्तु उस समय वह वित्त मंत्री के साथ देश की प्रधानमंत्री भी थीं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में देश के गांव, गरीब और किसानों को खास ध्यान में रखा है बजट पेश करने से पहले उन्होंने कहा कि असली भारत तो गांव में ही बसता है।

उन्होंने किसानों और गरीबों को इस बजट के रूप में कई तोहफे दिए हैं।  मोदी सरकार-2 के इस बजट में गांव, गरीब और किसान के लिए क्या खास  है खास तोहफे,आइये जानते हैं

प्रधानमंत्री आवास योजना

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2021-22 तक 1.95 करोड़ आवास लाभार्थियों के आवास का सपना पूरा होगा। 2022 तक सभी के पास अपना आवास हो ,ऐसा लक्ष्य रखा गया है

वित्त मंत्री ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे आवासों के निर्माण में पहले 314 दिन लग रहे थे लेकिन अब इन आवासों का निर्माण घटाकर 114 दिन में करने का लक्ष्य है। ये आवास रसाई गैस, बिजली और शौचालय की  सभी सुविधाओं से युक्त होंगे

हर घर जल 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में 2022 तक ग्रामीण घरों में बिजली और स्वच्छ रसोई गैस और 2024 तक पानी देने का वादा किया।

उन्होंने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय  द्वारा 2024 तक हर घर को जल सुनिश्चित करने की योजना है। उन्होंने कहा, “सरकार 2024 तकहर घर जल‘ (हर घर के लिए पानी) की दिशा में भी काम कर रही है। प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिकता है।

ऐनी वेदर कनेक्टिविटी ग्रीन तकनीक 

अगले पांच साल में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1.25 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा जिस पर  80250 करोड़ रूपये का खर्च आएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि 97 फीसदी सड़क निर्माण का लक्ष्य पूरा हो चुका है,अब तक गांवों की जितनी भी सड़कों का निर्माण हुआ है , उनका 30,000 किलोमीटर हिस्सा हरित प्रौद्योगिकी से बना है जिससे कार्बन फुटप्रिंट को कम किया गया है तथा गांवों को बाजारों से जोड़ने वाली अन्य सड़कों को भी विकसित किया जायेगा।

मुफ्त एलपीजी योजना, और बिजली कनेक्शन ने ग्रामीण भारत को बदल दिया है। भारत माला, सागरमाला और यूडीएएन जैसी योजनाएं ग्रामीण शहरी विभाजन को कम कर रही हैं और परिवहन बुनियादी ढांचे में सुधार कर रही हैं।

स्वच्छ भारत अभियान

उन्होंने बताया  कि स्वच्छता अभियान के तहत अब हर गांव में कचरा प्रबंधन व निस्तारण  की व्यवस्था की जाएगी।अब तक 5.6 लाख गावों को खुले में शौच से मुक्त किया गया है और 2 अक्टूबर 2019  तक सम्पूर्ण  भारत खुले में शौच से मुक्त हो जायेगा।

डिजिटल इंडिया  वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत 2 करोड़ गांव डिजिटल साक्षर बने हैं।

जीरो बजट खेती

वित्त मंत्री ने कहा कि आजादी की 75वीं सालगिरह तक किसान की आय दोगुनी करने की कोशिश होगी।वित्त मंत्री ने कहा कि जीरो बजट खेती पर जोर दिया जाएगा। खेती के बुनियादी तरीकों पर लौटना व इसी से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य होगा। खाद्यानों, दलहनों, तिलहनों, फलों और सब्जियों की स्वपर्याप्तता और निर्यात पर विशेष रूप से जोर दिया जायेगा

वित्त मंत्री ने कहा कि साल 2022 तक 10 हजार नए किसान उत्पादक संगठन बनाए जाएंगे। मछुआरों की आजीविका को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्यिकी ढांचे की स्थापना होगी। वित्त वर्ष  2019-20 के दौरान 100 नए बांस, शहद और खादी कलस्टर की स्थापना होगी।

वित्त मंत्री  ने कहा, “गाँव, गरीब और किसान हमारी सभी नीतियों के केंद्र में हैं,

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