बदलती जीवनशैली डिप्रेशन का कारण बन रही

डिप्रेशन यानी कि अवसाद एक मानसिक विकार की स्थिति है,जिसके लिए बहुत सारे कारण जिम्मेदार होते हैं । लेकिन यदि इसकी पहचान कर ली जाए और थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो इससे राहत मिल सकती है । आजकल के समय में युवा अच्छी सेहत के लिए कई सारे उपाय अपनाते रहते हैं । अच्छी सेहत के लिए शरीर का स्वस्थ होना जरूरी होता है । आजकल के युवा अपनी सेहत और फिटनेस का काफी ध्यान रखते हैं और कई बार इसे लेकर बहुत चिंतित चाहने लगते हैं और अपनी जिंदगी को बोझिल तनाव ग्रस्त और तनाव ग्रस्त बना डालते हैं ।

शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा तरीका है व्यायाम करना । यदि दौड़, दंड बैठक,  सुबह सुबह की सैर, जिम्नास्ट, हॉकी,क्रिकेट, टेनिस जैसे खेल खेले जाएं तो इससे भी व्यायाम हो जाता है । यह व्यायाम के ही एक रूप होते हैं । व्यायाम का सीधा मतलब होता है कि एक ऐसी क्रिया जिससे शरीर में हरकत हो और शरीर का सभी  अंग कार्यशील  हो जाता है । व्यायाम करने से हमारे फेफड़े और हृदय को ज्यादा काम करना पड़ता है और इससे शरीर में रक्त का संचार तेज हो जाता है और शरीर लचीला बन जाता है  ।

स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि  जंक फूड खाने से परहेज किया जाए और उनकी जगह पर दाल, फल, सब्ज़ियाँ, सोयाबीन, दही आदि को खाया जाए । खाने में सलाद का प्रयोग करना चाहिए । आजकल की बदलती जीवन शैली में लोग देर रात तक जागने लगे हैं इसका असर भी स्वास्थ्य पर पड़ रहा है । देर रात तक जागने के बजाय जल्दी सोया जाए और सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाया जाए और रोज कम से कम दो किलोमीटर की दौड़ लगाई जाए या फिर थोड़ी कसरत की जाए तो इससे मांसपेशियां खुल जाती हैं  ।

जहां शहरी चकाचौंध भरी लाइफ में लोग मस्ती तो कर रहे हैं लेकिन इसमें कम उम्र के युवा डिप्रेशन के शिकार भी हो रहे हैं । एक निजी स्वास्थ्य कंपनी के सर्वे के अनुसार लगभग 65% युवा अवसाद का शिकार है और यह प्रतिशत शहरी युवाओं में अधिक है । विशेषज्ञों का कहना है कि इसी की वजह से युवाओं में हृदय रोग के लक्षण बढ़ रहे हैं  । सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई है कि डिप्रेशन की शिकायत महिलाओं में अधिक है इसका कारण यह है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देती और प्रोफेशनल लाइफ की परेशानियों की वजह से भी काफी ज्यादा तनाव देती हैं ।

उनके पर्फेक्ट बनने की चाह, काम का बोझ दिमाग कर ले लेने की वजह से वे लोग अवसाद में जा रही है । महिलाओ में यह अक्सर ही सुनने को मिलती है कि ऑफिस की थकान के बाद भी नींद नहीं आती और नींद पूरी ना होने के चलते समस्या और ज्यादा बढ़ने लगती है । विशेषज्ञ के अनुसार यदि जीवन शैली में बदलाव कर लिया जाए और संतुलित भोजन करने के साथ-साथ समय से सोया और उठा जाए और सिगरेट और शराब का सेवन पर पाबंदी लगाई जाए और थोड़ा व्यायाम रोज किया जाए तो इससे एक अच्छी सेहत पाई जा सकती है और डिप्रेशन के साथ डायबिटीज व बीमारियों से दूर रहा जा सकता है ।

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