रक्तदान करके कैंसर और हृदय रोग से दूर रहें

रक्तदान करने से अक्सर लोग हिचकते हैं । जबकि रक्तदान करके किसी अपने की जान बचाई जा सकती है । दरअसल लोगों में रक्तदान को लेकर कई सारी भ्रांतियां हैं । लोग सोचते हैं कि रक्तदान करने से कमजोरी आ जाएगी लेकिन यह सिर्फ एक भ्रांति है । रक्तदान करने से किसी भी तरह की कोई कमजोरी नहीं आती है । रक्तदान करने से शरीर को कोई भी नुकसान नहीं होता बल्कि रक्तदान करने से शरीर को कई सारे फायदे होते हैं । जो लोग रक्तदान करते हैं उन लोगों में कैंसर, हृदय रोग जैसी बीमारियाँ होने का खतरा बहुत कम होता है । अक्सर  देखा जाता है कि लोग जिम में फिट रहने के लिए घंटों पसीना बहाते हैं और पैसा खर्च करते हैं और आजकल के समय मे जिम एक फैशन सा बन गया है ।

जिम किये बिना भी रक्तदान कर के लोग फिट रह सकते है । चलिए जानते हैं कि रक्तदान कैसे हमारे लिए फायदेमंद साबित हो सकता है । डॉक्टर के मुताबिक एक स्वस्थ शरीर में लगभग 5.5 से 6 लीटर खून होता है । जिसमें 500 मिलीलीटर खून लीवर में रिजर्व रहता है और जब कभी चोट लग जाती है या फिर ऐसा कोई हादसा हो जाता है जिसमें खून निकल आता है तो यह रिजर्व रक्त उस जरूरत को पूरा कर देता है । और जब कोई रक्तदान करता है तो रक्तदान के 350 मिलीलीटर रक्त की जरूरत तो  लीवर में रिजर्व रक्त से ही पूरा हो जाता है । ऐसे में यह कहा जा सकता है कि शरीर में ही जरूरत का पूरा खून रहता है तो ऐसे में कमजोरी आने का सवाल ही नहीं होता ।

रक्तदान करने से कई सारी बीमारियों से बचा जा सकता है । क्योंकि जब शरीर में पुराना खून धमनियों के माध्यम से संचालित होता है तो रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता वाली सेल्स सुषुप्त अवस्था में निष्क्रिय हो जाती हैं । लेकिन रक्तदान करने से सारा पुराना खून निकल जाता है और तुरंत नया खून बनने लगता है और ऐसे में निष्क्रिय सारी सेल्स फिर से क्रियाशील हो जाती हैं और बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है । अगर किसी भी तरह से कोई बीमारी के लक्षण पैदा भी होते हैं तो ब्लड की क्रियाशील सेल्स उन्हें खत्म कर देती है । जब शरीर में नया खून बनता है । रक्तदान करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और साथ ही कैंसर और दिल से जुड़ी बीमारियां होने की संभावना बहुत कम हो जाती हैं ।

रक्तदान करने से उन लोगो मे डिप्रेशन की समस्या नहीं होती है क्योंकि दिमाग में नया खून प्रवाहित होने से एक नई ऊर्जा का संचार होता है और हमेशा व्यक्ति सकारात्मक बना रहता है । रक्तदान करने से मानसिक तनाव नहीं होता है और शरीर ठीक ढंग से काम करता है और इस वजह से डायबिटीज जैसी बीमारी नहीं हो पाती है । रक्तदान करके जिम का खर्च बचाया जा सकता है क्योंकि रक्तदान से 500 कैलोरी तुरंत कम हो जाती है । जिम में इतनी ही कैलोरी कम करने के लिए कई दिन घंटों पसीना बहाना होता हैं । साल भर में 3 बार रक्तदान किया जाए तो शरीर पूरी तरीके से स्वस्थ रहता है और जिम जाने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है ।

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