रोबो-बी करेगा निगरानी और दुर्गम जगहों पर पहुचायेगा मदद

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रोबोट विकसित करने की कोशिश की है जो दुर्गम स्थानों पर भी मदद पहुंचा सकेगा । वैज्ञानिकों को एक ऐसे रोबोट बनाने में कामयाबी मिली है जो मधुमक्खी की तरह बढ़ सकता है । यह रोबोट दीवारों से टकराने के बाद आसानी से अपना रास्ता बदल देता है और लक्ष्य तक पहुंच जाता है ।

वैज्ञानिकों का मानना है कि दुर्गम स्थानों पर आसानी से सहायता पहुंचाने में यह रोबोट सहायक होगा और यह मुश्किल में फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए बचाव दल के लिए भी मददगार बन सकता है । वैज्ञानिकों ने इस रोबोट को रोबोबी नाम दिया है ।

यह उड़ान भरने और मुड़ने के लिए के लिए कोमल आर्टिफिशियल मांशपेशियों से युक्त रोबोट बी को बनाने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अस्ट्यूएटर्स रोबो बी को मधुमक्खी की तरह उड़ने में सहायता करता है ।

इस रोबोट को अमेरिका के वर्ल्ड माइक्रो रोबोटिक के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है । शोधकर्ताओं का कहना है कि पहली बार ऐसा रोबोटिक उपकरण तैयार किया गया है जो आसानी से दुर्गम जगहों पर जा सकेगा और एक निश्चित समय में अपना पूरा काम पूरा करने में सक्षम है ।

शोधकर्ताओं का कहना है कि सॉफ्ट रोबोटिक्स को बनाना मुश्किल नहीं होता जितना भी नियंत्रित करना होता है । यह उपकरण एक निश्चित रूप से ज्यादा बड़े हो जाते हैं तो इनकी एक्टिविटी को कंट्रोल करना सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है ऐसे में कई बार पूरा सिस्टम द्वारा से तैयार करना पड़ जाता है ।

इस शोध के मुख्य लेखक युफेंग चेन ने कहा मोबाइल रोबोट्स तैयार करने के लिए माइक्रो रोबोटिक्स के क्षेत्र में अब बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है ।

क्योंकि इन में प्रयुक्त होने वाले शॉट एक्टिवेटर काफी लचीली होते हैं और शोधकर्ताओं की आधी चुनौती को कम कर देते हैं । हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोगों का मानना है कि यह उपकरण फ्लाइंग रोबोट के तौर पर तो किया जा सकता है लेकिन इनको आसानी से नियंत्रित नहीं किया जा सकता लेकिन ऐसा नहीं है ।

इन उपकरणों में ऐसी क्षमता होती है कि किसी भी सूरत में रोबोट को नियंत्रित किया जा सकता है   । मालूम हो कि इस रोबोट को बनाने के लिए शोधकर्ताओं ने एक ऐसी नरम सामग्री का प्रयोग किया है जो मजबूत और साथ में करंट का प्रवाह भी करने में सक्षम है ।

यह उपकरण करंट आते ही अपना कार्य करना प्रारंभ कर देते हैं और उपकरणों के सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये दीवारों से टकराने के बाद टूटते नहीं है ।

रोबो बी को करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि शॉफ्ट रोबोटिक्स के क्षेत में लोगों की भविष्य में बहुत बड़ा बदलाव लाने में सक्षम है । इन रोबोटिक्स के रोबोटों को आर्मी में भी इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि यह रोबोट इतने छोटे होते हैं कि आसानी से दुश्मन की नजर में नहीं आ सकते हैं । रोबोट की मदद से सीमा देश की सरहद की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है ।

लेकिन अभी इन रोबोट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना और काम करना बाकी है । इस रोबोट को विकसित करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि ये सहायक सामग्री को आसानी से दुर्गम स्थानों पर पहुंचा सकता है और ऐसे स्थान में फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए मददगार भी बन सकता है।

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