संयुक्त राष्ट्र महासभा में मोदी ने कहा हम दुनिया को युद्ध नही बुद्ध दिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वे अधिवेशन को सम्बोधित किया । प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरा और दुनिया मे शांति व्यवस्था कायम करने के लिए सभी देशों को आतंकवाद को जस से समाप्त करने के लिए एक जुट होने के लिए कहा । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक से आजादी और गरीबी उन्मूलन के लिए सभी को साथ मिल कर काम करने के लिए कहा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में दुनिया के सबसे ज्यादा लोगो द्वारा वोट दे कर मुझे और मेरी सरकार को पहले से ज्यादा जनादेश दिया और इसके बदौलत ही आज मैं यहाँ फिर से हूँ ।

मोदी ने कहा जब भारत अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस 2022 में मनाएगा तब तक हम गरीबो के लिए दो करोड़ और घरों का निर्माण कर लेंगे । प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह भी कहा कि भारत अगले 5 सालो में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए काम करेगा और 15 करोज घरों को पानी की सप्लाई से जोड़ेगा । प्रधानमंत्री ने अपनी संस्कृति की बताते हुए कहा कि हमारे देश की संस्कृति हजारों साल पुरानी है और इसकी अपनी जीवंत परंपराएं है जो वैश्विक सपनो को अपने अंदर समेटे हुए । हमारे संस्कार हमारी संस्कृति हर जीव में देखने को मिलती है ।

भारत एक ऐसा विकासशील देश है जो दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम को अपने यहाँ सफलतापूर्वक चला रहा है और पचार करोड़ लोगों को हर साल  पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधाएं प्रदान कर रहा है । प्रधानमंत्री ने कहा कक हम भले ही 130 करोड़ भारतीयों को ध्यान में रख कर प्रयास कर रहे लेकिन ये प्रयास जिन सपनो के लिए हो रहे वो सारे विश्व के है, हर देश के है, हर समाज के है, प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयास हमारे है लेकिन परिणाम सारे संसार के लिए है । हममे आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को सतर्क करने की गंभीरता है । आतंकवाद किसी एक देश के लिए लिए ही नही बल्कि सारी दुनिया की, मानवता की सबसे बड़ी चुनौती में से एक है ।

मोदी ने कहा की हम उस देश के रहने वाले है जिसने दुनिया को युद्ध नही बल्कि बुद्ध दिया और दुनिया को शांति का संदेश दिया है । आज भारत जिन विषयो को उठा रहा है, जिन नए वैश्विक मंचो के निर्माण के लिए भारत आगे आया उसका आधार वैश्विक चुनोतियाँ है वे वैश्विक विषय है और गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए सब को मिल कर सामूहिक प्रयास करने होंगे ।

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