खाद्यान संकट और पोषण की कमी की पूर्ति के लिए विकल्प के रुप में लोग कर रहे कीड़ों का सेवन

आने वाले भविष्य में खाद्यान संकट चुनौती बन जाएगा । खाद्य संकट की चुनौती से निपटने के लिए कीटों का सेवन एक विकल्प हो सकता है । दुनिया भर के वैज्ञानिक खाद्य संकट से निपटने के लिए विकल्प के रूप में खाने योग्य कीडोको ढूंढ रहे हैं जिनका सेवन किया जा सकता है ।

भारत में भी ऐसे की 150 प्रजातियों को खोजने का काम शुरू हो गया है और ऐसे कीड़ो की प्रजातियों के वजूद को बचाने की कोशिश की जा रही है जिनका सेवन किया जा सकता है । भारत के उत्तर पूर्व राज्य में पोषण युक्त जो कीड़े खाए जा सकते हैं उन पर शोध किया जा रहा है ।

दुनिया भर के वैज्ञानिक खाद्य संकट की चुनौती से निपटने के लिए और पोषण की कमी से निपटने के लिए तरह तरह के शोध कर रहे हैं । वैज्ञानिकों की नजर में वे कीड़े है जो पारंपरिक भोजन का तो हिस्सा नहीं है लेकिन पोषक तत्वों की आपूर्ति कर सकते हैं ।

लेकिन वैज्ञानिक यह भी कोशिश कर रहे हैं कि लगातार इनका उपयोग करने से उनका वजूद खतरे में न पड़ जाए । भारत के वैज्ञानिकों ने भी इस संबंध में अपना शोध कार्य प्रारंभ कर दिया है । भारत के उत्तराखंड राज्य मेंअल्मोड़ा स्थित राष्ट्रीय पर्यावरण सतत विकास संस्थान में भी इस तरह की खोज की जा रही है ।

वैज्ञानिकों के मुताबिक दुनिया की आबादी परंपरागत भोजन के रूप में कीड़ो का सेवन कर रही है । भारत के एकबड़े हिस्से में तो नहीं कहा जा सकता है लेकिन भारत के कई राज्यों में पोषक तत्वों से युक्त कीटों का सेवन किया जा रहा है और उनकी बाजार भी लगती है । इन राज्यों में देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड शामिल है ।

वहीं भारत के तमिलनाडु,केरल, उड़ीसा और झारखंड में ऐसे कीटों का इस्तेमाल भोजन के रूप में किया जाता है जिनमें पोषक तत्व होते हैं । साथ ही इन कीटों का उपयोग औषधि के रूप में भी किया जा सकता है । अपने पड़ोसी देश चीन में भी ऐसे कीटों का निर्यात हो रहा है ।

वैज्ञानिकों को इस बात की चिंता है कि आने वाले समय में पोषण युक्त कीटों का सेवन नियमित तौर पर करने से कहीं उनकी प्रजातियां खत्म न होनेलगे जाए ।  इसलिए इनके संरक्षण की दिशा में भी काम किए जा रहे हैं ।

भारत में राष्ट्रीय मिशन के साथ कीटों में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करने की उनके संभावनाएं तलाशने के लिए कार्य किया जा रहा है ।

साथ ही जीवों के जीविका से जुड़ने और उनके संरक्षण के को ध्यान में रखते हुए भी अध्ययन किया जा रहा है । अब तक भारत में 439 विभिन्न प्रजातियों  को चिन्हित किया गया है जिन्हें भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है ।

वैज्ञानिकों की मानें तो इन कीड़ो में पोषक तत्व पाए जाते हैं और खाद्य पदार्थों के साथ प्रोटीन प्रदान करने वाले होते हैं । वैज्ञानिक उम्मीद है कि पोषाहार युक्त अनुसंधान मील का पत्थर साबित होगे।

मालूम हो कि दुनिया भर के 1500 भी ज्यादा कीडोकी प्रजातियां का भोजन के रूप में इस्तेमाल हो रहा है । भारत में ही करीब 100 से अधिक ऐसे कीडो की प्रजातियां हैं जिनका खाद्य पदार्थ के रूप में सेवन किया जा सकता है ।

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