किसी अभिनेत्री को चाह लेना

कहते हैं किसी अभिनेत्री को कभी दिल में नही बसाना चाहिए।पैसा और लाइमलाइट उनके जीवन को नियंत्रित करता है। उनके दिल में कोई एक नहीं होता।
नौहीद को शायद उसके नाम से कम ही लोग पहचानते होंगे। मैं भी नही पहचानता था। चेहरा देखा था। सन 2003 की फ़िल्म”इन्तेहा”याद होगी। उसका एक प्रचलित गीत “हमसफ़र चाहिए,उम्र भर चाहिए…”देखकर मैं Nauheed का फैन हुआ। शायद फैन सही शब्द नही है।
मैं कुछ छुपा रहा हूँ। सच कहूं तो उस गीत के बाद मैं उसका दीवाना हो गया। उसका भोला चेहरा मेरे दिल मे बस गया।अस्मित पटेल के साथ वह खूब अच्छी लग रही थी।मेरी नौहीद से पहचान इसी गीत तक सीमित थी।
इस गीत के अलावा मैंने उसे कहीं और नहीं देखा था। मेरी अब तक की जिंदगी में यह तीसरी दफा था कि मुझे कोई अभिनेत्री अच्छी लगी थी।इससे पहले और सबसे पहले सोनाली बेंद्रे और उसके बाद जेनेलिया डिसूजा(देशमुख)पसंद आईं थीं।
सोनाली बेंद्रे किशोरावस्था में जबकि जेनेलिया डिसूजा युवावस्था के करीब पहुंचते समय दिल को भायीं। आप यकीन नही करेंगे लेकिन सोनाली के एक फ़िल्म में रेप के सीन ने मेरे दिल को तोड़ दिया था।
तब इतनी समझ के लायक उम्र नही थी कि फिल्मी दृश्य को “फिल्मी” समझ सकूं।मुझे तो सरफरोश में वाइट सलवार सूट पहने सोनाली बेंद्रे पसंद थी यह कौन सी थी ,मेरा किशोर मन तब समझ न सका।
जब समझ बढ़ी तब समझ आया कि सब मेरी ही समझ का फेर था। जेनेलिया तब पसंद आई जब मैं अपने भविष्य की खोज में किताबों में डूबा था।बहुत सम्भव है कि किसी किताब के कवर पर चढ़े “रंगायन” के पोस्टर पर जिसमे जेनेलिया छपी हो,ने मेरा दिल हर लिया हो।
और तभी से मैं उसका दीवाना हो गया होऊं। उसकी कजरारी आँखे, शरारती चेहरा तब खूब भाता था।इसमें कोई संदेह नही कि रात में सपने में भी वह कई दफा आयी-गयी होगी।
खैर,उसके बाद तो वक्त ने और कहीं ध्यान देने का हक ही छीन लिया सो जेनेलिया पर मेरी दीवानगी का चेप्टर भी तभी क्लोज हो गया। बाद में  खबर पढ़ी कि उसने रितेश देशमुख से शादी कर ली है सो फिर मैंने भी वह चैप्टर क्लोज ही रहने दिया।
पिछले दिनों यू ट्यूब पर “हमसफ़र चाहिए…”फिर से देख रहा था।इच्छा हुई कि इस अभिनेत्री के बारे में जानूँ। सर्च किया तो पता चला कि नौहीद नाम की यह अभिनेत्री मूल रूप से भारतीय नहीं है,आयरिश है।
मुझे विश्वास नहीं हुआ।कई देशों की नागरिकता रखने वाली यह अभिनेत्री हूबहू भारतीय अभिनेत्रियों जैसी दिखती है। यदि नौहीद और कियारा आडवाणी साथ-साथ खड़ी हों तो कोई भी उन्हें जुड़वां बहन समझ लेगा। यह अभिनेत्री मॉडलिंग और वीडियो जाकी में भी हाथ आजमा चुकी है।
गले में दुपट्टा फंसाए नौहीद उस गीत में बहुत cute लगती है। मैं तो सोच रहा था कि उस गीत में भोली-भाली सी दिखने वाली यह लड़की सच मे भोली ही होगी लेकिन मेरा भ्रम ज्यादा देर तक टिका न रह सका।
इंटरनेट पर उसकी तस्वीरों को देखते समय एक तस्वीर ने मेरे दिल को वहीं छलनी कर दिया। मुझे जोर का धक्का लगा जब मैंने उसकी तस्वीर एक पारदर्शी कपड़े में देखी जो उसने ऊपर पहन रखा था।
यह टॉपलेस से भी फूहड़ दिख रहा था। मैंने उससे इस तरह की तस्वीर की कोई उम्मीद नहीं की थी। वह ऐसी तस्वीर थी जिसे बोल्ड से बोल्ड अभिनेत्री भी मीडिया के सामने नही खिंचवायेगी।
मुझे “तीसरी कसम” के हीरामन जैसा फील हुआ।बना-बनाया घर एक झटके में ढह गया।मैंने हीरामन की तरह अभी तक खुद से कोई वादा तो नही किया लेकिन अब शायद ही किसी अभिनेत्री को दिल में बसा पाऊँगा।
जब आप किसी की खास छवि दिल में बसा लेते हैं तब उससे विपरीत की उम्मीद नही करते।ऐसे में जब ऐसा कुछ दिख जाता है जिसकी आपने कल्पना न की हो तब दर्द होना स्वाभाविक है।
वैसे भी वह मेरी लगती ही क्या है।एक उम्मीद थी टूट गयी।सूरत भोली हो तो जरूरी नही कि सीरत भी भोली ही हो। सच तो ये है कि सीधे दिखने वाले लोग सबसे ज्यादा चौंकाते हैं।
उस तस्वीर में वह इतनी भद्दी लग रही थी कि यदि मेरे वश में होता तो समूचे इंटरनेट से उसकी वह तस्वीर उसी वक्त delete कर देता।किसी अभिनेत्री पर दिल आ जाना दिल के लिए त्रासदी से कम नहीं होता क्योंकि पता होता है कि एक न एक दिन दिल को टूट जाना है।