11 पंचेन लामा के विषय मे वैश्विक दवाब के बाद चीन ने दी जानकारी

11 पंचेन लामा के विषय मे वैश्विक दवाब के बाद चीन ने दी जानकारी

अमेरिका और दुनिया के तमाम देशों ने चीन से मांग की है कि तिब्बत के बौद्धधर्म के 11 वे पंचेन लामा को चीन रिहा करें ।  दरअसल तिब्बत के 11वे पंचेन लामा के विषय में कहा जाता है कि जब पंचेन लामा मात्र 6 साल के थे तभी चीन के अधिकारियों ने उन्हें कैद कर लिया था और वह सबसे कम उम्र के राजनैतिक कैदी बने थे ।

अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आजादी के लिए अमेरिकी दूत ब्राउनबैंक ने एक सम्मेलन में चीन से पूछा की 11वे पंचेन दलाई लामा कहां है ? इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और चीन पर दबाव बनाया कि वह पंचेन दलाई लामा के बारे में जानकारी दें । मालूम हो कि चीन की सरकार ने कहना है कि वह अपनी तरफ से दलाई लामा के उत्तराधिकारी का चयन करेंगे ।

चीन इस बात का भी दावा कर रहा है कि उसके द्वारा नियुक्त दलाई लामा सार्वजनिक कार्यक्रमों में कई बार नजर भी आ चुके हैं, हालांकि तिब्बत के लोग चीन द्वारा नियुक्त दलाई लामा का समर्थन नहीं करते हैं । चीन चाहता है कि अगले दलाई लामा की घोषणा न हो और ऐसा करके वह दुनिया भर में तिब्बत की आजादी के अभियान को कमजोर भी करना चाहता है ।

मालूम हो कि तिब्बत अपने 14 में धर्म गुरु के रूप में दूसरे पंचेन लामा की घोषणा करना चाह रहा है । मालूम हो कि तिब्बत द्वारा नियुक्त बौद्ध धर्म के 11वे पंचेन लामा जब मात्र 6 साल के थे तभी 1995 में चीन सरकार ने उन्हें उनके परिवार से अगवा कर लिया था और अब इस घटना को 25 साल बीत चुके हैं ।

तिब्बत के सांसद का कहना है कि 1995 में अगवा हुए पंचेन को चीन रिहा करें क्योंकि वह अपने पद के लिए एकमात्र वैध हकदार हैं । वहीं चीन तिब्बत के क्षेत्र को अपना कहता रहता है और चीन ने एक लड़के ग्यालतसेन नोरबू को दलाई लामा के रूप में नियुक्त किया है लेकिन इन्हें तिब्बत का समर्थन प्राप्त नहीं है । वही तिब्बत के पंचेन लामा जिनको तिब्बत में नियुक्त किया था उन्हें चीन ने अगवा कर लिया और वह चीन के भू भाग में चीनी सरकार की निगरानी में रह रहे हैं ।

तिब्बत की संसद ने एक बयान में कहा कि पंचेन लामा का पंचेन का अपहरण करके चिह्वजबरन उनके धार्मिक पहचान से इंकार कर रहा है और उनके मठ में सेवा देने के अधिकार को भी रोक रहा है जोकि धार्मिक स्वतंत्रता के साथ ही मानवाधिकार के स्तर पर भी धार्मिक आजादी लस उल्लंघन है ।

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अगर तिब्बतियों को मिली धार्मिक स्वतंत्रता पर चीन का दावा सही है तब तिब्बतियों को धार्मिक स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और चीन को पंचेन लामा के बारे में जानकारी देनी चाहिए । 11वे पंचेन लामा के संदर्भ में बन रहे दबाव के चलते चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सफाई पेश की है कि वह लड़का अब ग्रेजुएट हो चुका है और स्थाई नौकरी कर रहा है ।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस संदर्भ में कहा कि जब वह छोटा बच्चा था तब उसे निशुल्क अनिवार्य शिक्षा भी प्रदान की गई है इसके बाद उसने कॉलेज की परीक्षा पास की सब स्थाई रूप से नौकरी कर रहा है और एक 31 साल का हो चुका है । उन्होंने कहा कि उनका परिवार है और वह सामान्य जीवन जी रहे हैं जिसमें किसी की दखलअंदाजी वह नहीं चाहते हैं । लेकिन इससे ज्यादा उन के संदर्भ में कोई जानकारी नहीं दी है और न ही यह बताया है कि उनके परिवार में कौन लोग शामिल हैं ।

बता दें कि 17 मई को तिब्बतियों ने पंचेन लामा के अपहरण होने की 25वीं सालगिरह मनाई । ये तिब्बती बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा के बाद दूसरा सर्वोच्च आध्यात्मिक अधिकारी बताया जा रहा है और इस विषय में तिब्बत चीन से सालों से जवाब मांग कर रहा है ।

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