क्या अमेरिका मे कोरोना वायरस से दो लाख से ज्यादा लोग मरेगे !!

अमेरिका में जिस तेजी से कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है लोगों में एक कौतूहल सब बन रहा है कि क्या विशेषज्ञों द्वारा अमेरिका के संदर्भ में कही गई बात सही हो जाएगी? कुछ विशेषज्ञों का कहना था कि अमेरिका में कोरोनावायरस से 2 लाख लोगों की जान जा सकती है ।

मालूम हो कि अमेरिका में कोरोना वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है और लगभग 43514 लोग कोरोना वायरस से मर चुके हैं और 813245 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं । लेकिन जिस तेजी से अमेरिका में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के मरने का आंकड़ा बढ़ रहा है उससे विशेषज्ञों द्वारा कही गई बात के सच होने की संभावना नजर आ रही है !

बता दे कि अमेरिका के टॉप डॉक्टर और इन्फेक्शन डिजीज के प्रमुख एंथनी फॉसी और ब्रिक्स ने अंदेशा जताया था कि अमेरिका में कोरोना वायरस की वजह से दो लाख लोग मर सकते हैं ।

उन्होंने मार्च में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में यह बात कही थी और अमेरिका को इस बात के लिए तैयार रहने के लिए भी कहा था । उन्होंने कहा था कि अमेरिका के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है जिसे घुमा देने से अमेरिका कोरोना वायरस को खत्म कर देगा या फिर इसके लिए कोई दवा या थेरेपी इजाद कर देगा ।

अमेरिका को कोरोना वायरस से सिर्फ अमेरिका वासियों के बिहेवियर द्वारा ही बचाया जा सकता है । उन्होंने आशंका जताते हुए आने वाले भविष्य के लिए तैयार रहने के लिए आगाह किया था । अमेरिका के डॉक्टर ब्रिक्स ने भी कहा था मार्च में कि अमेरिका में आने वाले 30 दिनों में स्थिति काफी ज्यादा बदतर हो जाएगी ।

बता दें कि अन्य देशों की तुलना में कोरोना वायरस अमेरिका में काफी तेजी से फैला है । अमेरिका के 10 राज्य न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी, मैसाचुसेट्स, पेंसिलवेनिया, मिशीगन, इलिनॉयस, फ्लोरिडा, टैक्सास, नुसियाना में सबसे ज्यादा करोना वायरस के मामले आए हैं । इसमें न्यूयार्क पहले स्थान में है, न्यूयॉर्क में करीब ढाई लाख से भी ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए है और करीब बीस हजार लोगों की मौत हुई है ।

वर्तमान में सबसे ताकतवर देश अमेरिका का ऐसा कोई भी राज्य नहीं है जहां पर करोना वायरस का संक्रमण ना पाया गया हो । ऐसे में महाशक्ति के तौर पर जाने जाने वाले अमेरिका के लिए यह काफी चिंता का विषय है और उसके लिए एक सबक है कि उसे आने वाले भविष्य चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए ।

बता दें कि चीन में कोरोना वायरस का पहला मामला दिसंबर में आया था और तब से अब तक यह 12000 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके अमेरिका में तबाही मचा रहा है । वही चीन के वुहान में स्थिति काबू में आ चुकी है ।

चीन ने अब जाकर यह स्वीकार कर लिया है कि दिसंबर में कई लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे और 7 जनवरी को चीन के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था और यह एक से दूसरे इंसान के संपर्क में आने से बढ़ता गया । अमेरिका के न्यूयॉर्क में पहला मामला 1 मार्च जनवरी को आया था यह मामला 39 वर्षीय हेल्थ वर्कर महिला में पाया गया था जोकि इरान से लौटी थी ।

उसके बाद 7 मार्च को न्यूयॉर्क के गवर्नर ने जहां पर वह महिला रही थी उसे स्टेट में इमरजेंसी घोषित की और 11 मार्च तक के लिए सभी स्कूल कॉलेजों को बंद रखने का ऐलान किया । 17 मार्च तक अमेरिका में 1374 मामले सामने आ चुके थे लेकिन उसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई और कोरोना वायरस काफी तेजी से फैलने लगा ।

अमेरिका में पहला कोरोना वायरस का संक्रमण 19 जनवरी को सामने आया था उसके बाद 30 जनवरी तक दुनिया के 21 देशों में लगभग 10000 मामले सामने आए और अब 21 अप्रैल तक दुनिया भर में 25 लाख से भी ज्यादा लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो चुके हैं । दुनिया के अधिकांश देशों में लॉक डाउन कर दिया गया है और सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्लाइड की उड़ान पर पाबंदी लगा दी गई है ।

अमेरिका इटली और स्पेन के बाद फ्रांस ऐसा चौथा देश है जहां पर कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है । भारत की स्थिति फिलहाल बेहतर कहीं जा रही है । भारत में अब तक 20,000 मामले कोरोना वायरस के सामने आ चुके हैं और 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है । वहीं 3870 लोग कोरोना वायरस से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं । भारत में सबसे ज्यादा खराब स्थिति में महाराष्ट्र है । महाराष्ट्र में 5218 मामले कोरोना वायरस के सामने आए हैं और 251 लोगों की मौत हुई है ।

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