कोरोना वायरस का वैज्ञानिकों ने ढूंढा इलाज

कोरोना वायरस का वैज्ञानिकों ने ढूंढा इलाज : जल्द ही होगा ट्रायल

कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से होकर पूरी दुनिया में काफी तेजी से फैल रहा है । 30,000 से ज्यादा लोग इस वायरस से पीड़ित है और करीब 600 लोगों की मौत हो चुकी है । हालांकि मरने वाले लोगों में ज्यादातर चीन से हैं । चीन के बाद यह खतरनाक वायरस जापान में भी काफी लोगों को संक्रमित कर रहा है ।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीन में कोरोनावायरस तेजी से फैला है और इसके बाद सबसे ज्यादा 45 मामलों की पुष्टि जापान में हुई है ।इसी बीच एक खुशी की बात सामने आई है । ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने कोरोनावायरस का वैक्सीन यानी कि टीका बनाने की घोषणा की है और इस टीका सबसे पहले ट्रायल जानवरों पर होगा ।

उसके बाद इसे इंसानों पर किया जाएगा । ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को रोकने के लिए टीका ईजाद कर लिया है । लंदन के कॉलेज के प्रोफेसर और बैक्टीरिया विशेषज्ञ का कहना है कि उनकी टीम ने कोरोना वायरस की वैक्सीन खोज ली है । कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रायल सबसे पहले जानवरों पर किया जाएगा ।

जानवरों पर इस टीके के सफल प्रयोग के बाद इसका ट्रायल इंसानों पर किया जाएगा । अगर जानवरों पर कोरोनावायरस के टीके का ट्रायल सफल हो जाता है तो कोरोना वायरस के इलाज में यह मील का पत्थर साबित होगा ।

बता दे की अभी कोरोना वायरस का कोई भी इलाज या वैक्सीन नहीं है । हालांकि यह भी सच है कि जानवरों पर इस वैक्सीन के सफल होने के बाद इसका क्लीनिकल ट्रायल करने में करीब 2 से 3 साल का समय लग जाएगा जो कि काफी लंबा समय है ।मालूम हो कि कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा मौतें हुवोई प्रांत में हुई है ।

कोरोना वायरस एक तरह का संक्रमण फैलाने वाला वायरस है । यह सार्स परिवार से संबंध रखता है । अभी तक इस वायरस के फैलने की असली वजह सामने नहीं आ पाई है । ऐसा कहा जा रहा है कि कोरोनावायरस चमगादड़ से सांप और सांप से मनुष्य में फैला है । चीन में सांपों को खाया जाता है । सांपों के संपर्क में आने के बाद कोरोना वायरस का संक्रमण मनुष्य को हुआ ।

चीन की वुहान शहर से यह वायरस पूरी दुनिया में फैल गया । हालांकि चीन की एक वेबसाइट ने दावा किया है कि कोरोनावायरस चीन के बायोलॉजिकल वेपंस का एक हिस्सा है अर्थात इस वायरस के लिए सरकार जिम्मेदार है ।कोरोना वायरस का लक्षण निमोनिया के लक्षण की तरह है । इसमें बुखार, सांस लेने में दिक्कत, सर्दी जुकाम, खांसी, नाक का बहना, सर में दर्द, आर्गन फेल्योर जैसे लक्षण शामिल हैं ।

कोरोना वायरस में किसी भी तरह की एंटीबायोटिक काम नहीं करती है । ऐसे में फ्लू में दी जाने वाली एंटीबायोटिक भी कोरोनावायरस में काम नहीं करती है । अस्पताल में भर्ती कराए गए पीड़ित व्यक्तियों को अंगों को फेल होने से बचाने के लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ दिया जाता है और अभी तक इस वायरस से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका बचाव करना ही है ।

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