कोरोना वायरस के कहर के बीच प्रदूषण के संबंध में चीन के लिए एक अच्छी खबर

कोरोना वायरस के कहर के बीच प्रदूषण के संबंध में चीन के लिए एक अच्छी खबर

जैसे की मालूम है कोरोना वायरस साल की शुरुआत के साथ ही शुरू हुआ था । कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से होकर पहले चीन में और फिर अन्य देशों में फैल गया । 2 महीने बीत जाने के बाद भी कोरोना वायरस पर अभी काबू नहीं पाया जा सका है । इतना ही नहीं इसका कोई सटीक इलाज भी अभी तक नही ढूंढा जा सकता है ।

हालात यह है कि चीन में कई फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं । कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या करीब 3000 तक पहुंच गई है तथा इससे पीड़ित लोगों की संख्या 80000 तक हो गई है । ये आंकड़े तो सिर्फ चीन के हैं । चीन के अलावा पाकिस्तान, भारत, दक्षिण अफ्रीका, जापान, अमेरिका जैसे देशों में भी कोरोना वायरस से पीड़ित पाए गए । खबर यह भी अभी आई थी कि कोराना वायरस चीन के केमिकल हथियार का शायद हिस्सा था लेकिन सच्चाई साफ नहीं हो पाई ।

अभी तक अंदेशा यही जताया जा रहा है कि चीन में कोरोना वायरस जंगली जानवरों के सेवन से इंसानों में फैला है क्योंकि चीन के वुहान शहर में हर तरह के जंगली जानवर के सूप और डिश आपको मिल जाएगी । हालांकि कोरोना वायरस के फैलने की वजह से चीन में जंगली जानवरों को खाने पर पाबंदी लगा दी गई है ।

अभी खबरें आई थी कि चीन में फैले कोराना वायरस की वजह से वैश्विक स्तर पर मंदी देखने को मिलेगी । इन तमाम बुरी खबरों के बीच चीन के लिए शायद या एक अच्छी खबर हो सकती है कि चीन में प्रदूषण के स्तर में गिरावट हो रही है । दरअसल नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के उपग्रहों ने प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की है । इन एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार चीन में प्रदूषण का स्तर में कमी देखने को मिल रही है ।

नासा ने एक तस्वीर जारी करते हुए इस बारे में जानकारी दी है की चीन में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के स्तर में गिरावट दर्ज हो रही है । इस गिरावट के पीछे वजह यह है कि कोरोना वायरस की वजह से चीन आर्थिक मंदी में फंस गया है और कई सारी फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं । शायद यही वजह है कि नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई जिससे प्रदूषण का स्तर बेहतर हो गया ।

नासा ने तस्वीरें जारी करके सबूत दिया है कि कोरोना वायरस की वजह से चीन में आर्थिक मंदी हुई और इसकी वजह से प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई । नासा के एक वैज्ञानिक के अनुसार उसकी जानकारी में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी घटना की वजह से प्रदूषण के स्तर में इतनी व्यापक स्तर पर कमी देखने को मिली है ।

बता दें चीन में कोरोना वायरस के प्रसार को बढ़ने से रोकने के लिए कई फैक्ट्रियां बंद पड़ गई हैं और वहां पर काम नहीं किया जा रहा है । हालांकि इसके पहले भी साल 2008 में चीन के बीजिंग में प्रदूषण के स्तर में गिरावट देखने को मिली थी क्योंकि चीन में 2008 में बीजिंग में ओलंपिक खेल का आयोजन हुआ था । इस दौरान वहां पर प्रदूषण में कमी देखने को मिली थी लेकिन यह सिर्फ कुछ ही स्थानीय इलाकों तक सीमित था और ओलंपिक खेल जैसे ही समाप्त हो गया प्रदूषण का स्तर फिर से पहले की तरह हो गया ।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.