आयुर्वेदिक दवाओं से होगा कोरोना वायरस का इलाज

आयुर्वेदिक दवाओं से होगा कोरोना वायरस का इलाज

आयुर्वेदिक दवाओं से होगा कोरोना वायरस का इलाज

कोरोना वायरस महामारी पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है जिससे लाखों लोगों की जाने जा चुकी हैं । भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमितों के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं । इस बीच एक अच्छी खबर सामने आई है कि आयुर्वेदिक दवाओं का करोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में उपयोग किया जा रहा है और इसके परिणाम भी बहोत सकारात्मक रहा है

दिल्ली में स्थित आयुर्वेद एवं होम्योपैथिक के तीन अस्पतालों में आयुर्वेदिक दवाओं से कोरोना के मरीजों का इलाज चल रहा है । भारत के आयुष निदेशालय के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार अब तक आयुर्वेदिक दवा से 229 कोरोनावायरस के मरीज पूरी तरीके से ठीक हो चुके हैं और 120 मरीजों के इलाज चल रहा है ।

मालूम हो कि दिल्ली के चौधरी ब्रह्म प्रकाश चरक आयुर्वेद संस्थान, आयुर्वेद और यूनानी तिब्बिया मेडिकल कॉलेज और नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोविड सेंटर के रूप में बनाया गया है ।

चौधरी ब्रह्म प्रकाश चरक आयुर्वेद संस्थान और आयुर्वेद और यूनानी मेडिकल कॉलेज में आयुर्वेद की दवा से हुए इलाज से करीब 229 लोग ठीक होकर अपने घर वापस जा चुके हैं । आयुर्वेदिक दवाओं के असर को देखते हुए डॉक्टर अब ज्यादा मरीज ओर इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं और अतः तक के नतीजे से उत्साहित हैं और इसके क्लिनिकल ट्रायल की तैयारी की जा रही है म इसके लिए सम्बन्धित विभाग से अनुमति मांगी गई है ।

इस ट्रायल में जो भी परिणाम आएंगे उसे मेडिकल जनरल में प्रकाशित भी किया जाएगा । आयुर्वेद कॉलेजों के डॉक्टर का कहना है कि मरीजों के ऊपर आयुर्वेदिक दवा का असर हो रहा है और कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में उन्हें आयुर्वेदिक दवाओं के साथ ही सात्विक भोजन दिया गया यानी वो भोजन जो आसानी से पच सके । साथ ही अस्पताल का माहौल भी खुशनुमा बनाया गया । इन सब का सकारात्मक असर देखने को मिला है

अस्पताल के डॉक्टर ने यह भी भी बताया कि जिन मरीजों को डायबिटीज, हाइपरटेंशन की समस्या  के चलते उनका इलाज एलोपैथिक दवाई उसी चल रहा था उन्हें बंद नहीं किया गया और खासी, बुखार और गले की खराश की समस्या वाले मरीजों को आयुर्वेदिक दवाएं दी गई ।

कहा जा रहा है कि आयुर्वेदिक दवाओं के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत हो रही है ।

मालूम हो कि एलोपैथिक दवाइयों की तरह आयुर्वेदिक दवाइयों का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और भारत में आयुर्वेदिक दवाओं को प्राचीन चिकित्सा में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है । कोरोना वायरस के लिए अभी तक कोई भी टीका उपलब्ध नहीं हो पाया है और दिन में दिन कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या बेतहाशा बढ़ती ही जा रही है ।

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दुनियाभर के तमाम वैज्ञानिक इसके लिए दवा  व टीका की खोज में दिन-रात जुटे हुए है । कई सारे देशों ने दावा किया है कि उन्होंने अपने यहां कोरोना वायरस का टीका विकसित कर लिया है और अब उसका इंसानों पर परीक्षण भी शुरू कर दिया है । भारत में भी इस तरह के परीक्षण के दावे किए गए हैं और अब आयुर्वेद से कोरोना वायरस के इलाज की संभावनाएं भी देखी जा रही है क्योंकि अभी तक आयुर्वेदिक दवाइयों से कोरोना वायरस के मरीजों के  इलाज के परिणाम सकारात्मक आए है ।