इस तरह पहचाने आप का सैनिटाइजर असली है या नकली

इस तरह पहचाने आप का सैनिटाइजर असली है या नकली

इस तरह पहचाने आप का सैनिटाइजर असली है या नकली । कोरोना वायरस से बचने के लिए सबसे जरूरी है एहतियात बरतना और साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना इसमें सैनिटाइजर की सबसे अहम भूमिका है। लोग अच्छी क्वालिटी के सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहते हैं जिससे कोरोना वायरस का संक्रमण उन्हें संक्रमित न कर पाए।

लेकिन जैसे ही कोरोना वायरस महामारी का दौर शुरू हुआ बाजार में सैनिटाइजर की मांग बढ़ने के साथ ही सैनीटाइजर के कई ब्रांड के उत्पाद की भरमार हो गई है। आज तो सैकड़ों की संख्या में कंपनियां सैनिटाइजर बेच रही हैं। ऐसे में यहां यह जाना बेहद जरूरी है असली और नकली सैनिटाइजर में क्या फर्क है ?

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सैनिटाइजर प्रमुख रूप से अल्कोहल होता है, लेकिन आजकल बाजार में ज्यादातर सैनिटाइजर में अल्कोहल की मात्रा बेहद कम होती है और इसकी वजह से उनकी प्रभाविकता भी कम हो जाती है। बाजार में कई ऐसी कंपनियां भी आ गई है जो नकली सैनिटाइजर बनाकर बेंच रही हैं। ऐसे में असली और नकली सैनिटाइजर को घर पर ही आसानी से परीक्षण करके जाना जा सकता है हमारा सैनीटाइजर असली है या नकली।

आइए जानते हैं कैसे असली और नकली सैनिटाइजर में फर्क करे : –

टिशू पेपर का इस्तेमाल कर के – असली और नकली सेनीटाइजर को पहचानने के लिए घर पर ही इसका परीक्षण किया जा सकता है। इसके लिए टॉयलेट में इस्तेमाल होने वाले टिशू पेपर का इस्तेमाल किया जा सकता है। टिशू पेपर पर बॉल पेन से लिखें जिससे कि लिखने पर वह मिटे न। ऐसा करने के लिए एक गोला बनाने के लिए बोतल के ढक्कन या सिक्के का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

सबसे पहले टिशु पेपर को प्लेन जगह पर रख ले और बोतल का ढक्कन या फिर सिक्के को उसके ऊपर रख कर उसके चारों तरफ से एक घेरा (सर्कल) बना ले। यहां पर इस बात का ध्यान रखें कि यह सर्कल पूरी तरीके से स्पष्ट दिखाई दे। अब इस सर्कल के अंदर सैनिटाइजर को डेल और इस तरह से डालें कि सैनिटाइजर सर्कल के बाहर न निकले।

अब इसे थोड़ी देर ऐसे ही रहने दें, उसके बाद देखें। अगर बॉल पेन से बनाई गई लाइन( सर्कल) सैनिटाइजर की वजह से घुल जाता है या फिर लाइन फैल कर इधर-उधर बिखर जाती है तब सैनिटाइजर असली है।

वहीं अगर टिशू पेपर पर बाल पेन से बनाए गए सर्कल पर सैनिटाइजर के बजाय पानी डाला जाएगा तब बॉल पेन से बनाया गया सर्कल वैसे का वैसे ही रहेगा, उसकी लाइने नहीं मिटेगी।

आटे से जांचे – आटे में सैनिटाइजर डालकर पहचान करना बेहद आसान होता है कि वह असली है या नकली। इसके लिए जांचने का तरीका भी बेहद आसान है। इसके लिए एक चम्मच गेहूं का आटा ले। गेहूं के आटे के बजाय मक्के या दूसरे आटे का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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एक चम्मच आटे को एक प्लेट में रख लें और उसमें थोड़ा सा सैनिटाइजर मिला दे और उसके बाद उनको गुथे। अगर सैनिटाइजर असली होगा तब वह गुथेगा नही बल्कि पाउडर की ही तरह रहेगा। वहीं अगर सैनिटाइजर नकली होगा तब वह आटे के साथ चिपचिपा गोंद के जैसे हो जाएगा, जैसे कि सामान्य तौर पर पानी से आटा गुथने पर होता है और इस तरह से असली और नकली की पहचान आसानी से हो जाती है।

हेयर ड्रायर से – हेयर ड्रायर से भी असली और नकली सैनिटाइजर की पहचान की जा सकती है। इसके लिए दो कटोरी ले। एक कटोरे में एक चम्मच सैनिटाइजर ले और एक दूसरे कटोरी में थोड़ा-सा पानी डालें और इन दोनों कटोरी को 30 सेकंड पर हेयर ड्रायर की मदद से सुखाएं। यहाँ इस बात का ध्यान रखें कि पहले हेयर ड्रायर को गर्म कर ले और उसके बाद ही इसका इस्तेमाल करें।

अगर सैनिटाइजर असली होगा और उसमें पर्याप्त मात्रा में अल्कोहल होगा तो वह जल्दी से उड जाएगा जबकि पानी के साथ ऐसा नहीं होगा। पानी जल्दी नही उड़ेगा। दरअसल अल्कोहल 78 डिग्री सेंटीग्रेड पर ही उबलने लगता है, इसलिए पानी से पहले यह उड़ जाएगा।

वहीं अगर सैनिटाइजर नकली होगा उसमे पानी ही होगा तब उसे ज्यादा टाइम लगेगा क्योंकि पानी 100 डिग्री सेंटीग्रेड पर उबलता है और हेयर ड्रायर से सुखाने पर यह बहुत देर बाद उड़ना शुरू होगा।

 

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