भारत ईरान और अमेरिका के बीच के तनाव को कम करने की भूमिका निभायेगा..!

ईरान के जनरल कमांडर कासिम सुलेमानी को अमेरिका ने दरों हमले में मौत के घाट उतार दिया और इसी के साथ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है । आने वाले भविष्य में भी ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत होने की संभावना बेहद कम है । भारत में मौजूद ईरानी राजदूत का एक बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि तनाव कम करने के लिए भारत द्वारा की गई कोशिश का ईरान स्वागत करेगा ।

वहीं अमेरिका ने भी इस तरह की बात कही है । अमेरिका और इनाम दोनों ने ही भारत को केंद्र में रखते हुए बयान दिया है जिसका साफ अर्थ है मध्य पूर्व और पूरी दुनिया में जारी तनाव को कम करने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है ।

यह बातें इसलिए बेहद खास है क्योंकि कुछ समय पहले विदेशी मामलों के जानकार कमल आगा ने भी ऐसी बात कही थी । भारत ईरान और अमेरिका का करीबी सहयोगी है ऐसे में भारत द्वारा शांति के लिए अहम भूमिका अदा करी जा सकती है । एक दिन पहले ही अमेरिकी सांसद ने ईरान के खिलाफ युध्द छेड़ने से राष्ट्रपति को रोकने के लिए वोटिंग हुई है और टाइम्स की खबर के मुताबिक ज्यादातर सांसदों ने वोट पक्ष में दिया है और इस तरह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को जवाब देने की मंशा पर पानी फिर जाएगा ।

इस प्रस्ताव के बाद ट्रम्प की शक्ति भी सीमित हो गई है । इसके पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सदन में महाभियोग चलाने के लिए समर्थन में भी वोटिंग होती हुई थी जिसमें डोनाल्ड ट्रंप को हार मिली थी ।

अमेरिका के राष्ट्रपति किसी भी तरह की कार्यवाही बिना सदन की अनुमति नहीं करेंगे । बता देंगे अमेरिकी सांसदों ने ईरान के कमांडर कासिम सुलेमानी की अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत के बाद डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की थी । यह प्रस्ताव पास होने के बाद अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यदि ईरान के खिलाफ युद्ध का एलान करते हैं तो इसके पहले उन्हें कांग्रेश की मंजूरी लेनी जरूरी है ।

इसके अलावा अमेरिकी दरों हमले में मारे गए इराक के जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हो रहा है और मालूम हो कि इसी साल अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी होना है ।

ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप अपनी जनता की मंशा को जानने के लिए सतर्क रहेंगे और ऐसी कोई कोशिश नहीं करेंगे जो जनता के खिलाफ जाए और उन्हें चुनाव में नुकसान पहुंचे । कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी और ईरानी सर्वोच्च नेता वालि हुसैनी ने बयान जारी कर कहा कि ईरान ने कासिम सुलेमानी की मौत का बदला ले लिया है ।

ईरान युद्ध नहीं चाहता है । मालूम हो कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है । दुनिया भर के शेयर बाजारों मे गिरावट दर्ज हुई और कच्चे तेल के भाव में उछाल देखने को मिला है ।

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