इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की

इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की

भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है । इरफान खान पठान भारत के लिए आखिरी बार 2 अक्टूबर 2012 में खेले थे और उसके बाद पिछले 7 साल से लगातार टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे अब जाकर 35 साल की उम्र में इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय और इसी के साथ उनके 16 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टार स्पोर्ट्स चैनल पर आधिकारिक तौर से देने की घोषणा की और कहा कि बड़ौदा की एक से एक इस मुकाम पर पहुंचा हूं सचिन तेंदुलकर जैसे क्रिकेटरों के साथ शेयर करना मेरा नसीब था इरफान पठान ने और कहा कि जो भी पूछना उनका दिल से शुक्रिया ।

इरफान पठान भारत के नियम 29 टेस्ट मैच और 120 वनडे मैच और टी 20 के 24 मुकाबले खेलने हैं । इरफान पठान ने 29 टेस्ट मैचों में 100 विकेट लिए और एक पारी में 59 रन दे कर 7 विकेट लेना उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है और 120 वनडे मैचों में 27 रन देकर पांच विकेट लेना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वन डे में था । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर में बल्लेबाजी करते हुए इरफान पठान ने 1105 रन बनाए हैं जिसमें उनका एक शतक भी शामिल है ।

इरफान पठान ने भारत के लिए सबसे पहले टेस्ट मैच खेलना था और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2003 में 12 दिसंबर को डेब्यू किया था और आखिरी टेस्ट मैच 5 अप्रैल 2008 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था । इरफान पठान ने अपना आखिरी मैच वनडे मैच श्रीलंका के खिलाफ 4 अगस्त 2012 को खेल था जब की आखिरी टी 20 मैच 2 अक्टूबर 2012 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था ।

इस इंटरव्यू के दौरान इरफान पठान ने वसीम अकरम को अपना आइडियल बताया और कहा कि उनकी गेंद फेंकने की एक्शन, स्विंग की काबिलियत, रिवर्स स्विंग फेकने की कला ने ही मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया था । क्रिकेट केरियर कि अपने सबसे यादगार पल के बारे में बताते हुए इरफान पठान ने कहा वैसे तो हर पल वे कभी नहीं भूले सब याद है लेकिन उनका सबसे यादगार पल वो था जब पहली बार डेब्यू मैच करने से पहले भारतीय कैप मिली थी ।

मालूम हो कि भारत के लिए क्रिकेट खेलने की शुरुआत इरफान पठान ने टेस्ट मैच के जरिए की थी । इरफान पठान ने कहा कि 2007 में खेले गए टी 20 क्रिकेट विश्व कप का फाइनल मैच भी उनके लिए काफी यादगार पल रहा है ।

इस फाइनल मैच के दौरान वे मैन ऑफ था मैच बने थे । इरफान पठान ने फाइनल मैच के बारे में एक किस्सा बताया कहा “जब मैंने शाहिद अफरीदी का विकेट लिया तो सभी खिलाड़ी मुझ पर आ गिरे, और मैं नीचे दब गया और फिर मैने कहा कि उठ जाओ मुझे साँस नहीं आ रही तब जाकर सब उठे ।

इसके अलावा इरफान पठान ने पाकिस्तान में लिए गए अपनी हैट्रिक का भी जिक्र किया और कहा कि वह इस पल को कभी नहीं भूल पाए क्योंकि भारत के तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान की धरती पर हैट्रिक लेने वाले इरफान पठान एक मात्र गेंदबाज है ।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.