माचिवाड़ा के इस स्थान में कभी लगती थी कचहरी

माचिवाड़ा के इस स्थान में कभी लगती थी कचहरी

माचिवाड़ा के इस स्थान में कभी लगती थी कचहरी

छिंदवाड़ा – लगभग सौ वर्ष पूर्व नागपुर के राजा रघु के दो गांव मुख्य थे कमकासुर और माचीवाडा ! राजा रघु साल मे दो बार इन गांव का दौरा किया करते थे और अपना एक प्रधान रखते थे जिसके प्रधान मुखिया बिंदाप‌साद और अयोध्या प्रसाद थे ।

 

जनसुनवाई के लिए वे माचिवाडा के इसी मकान में कचहरी लगाया करते थे तब से ये कचहरी के नाम से जाना जाता है यही से मुखिया बिंदाप‌साद और अयोध्या पृसाद दोनो गांव का संचालन करते थे इस गांव की देवी का विशाल मंदिर इसी के किनारे पर स्थित है!

“गांव के मुखिया बिंदाप‌साद और अयोध्या प्रसाद हमारे नाना थे जनसुनवाई के लिए वे माचिवाडा के इसी मकान में कचहरी लगाया करते थे तब से ये कचहरी के नाम से जाना जाता है आज यह धरोहर के रूप में है!
मोहन पांडे
माचिवाड़ा

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