किसी भी बीमारी को कब घोषित किया जाता है महामारी और इससे किस तरह का बदलाव होता है

पूरी दुनिया मे कोरोना वायरस महामारी फैली है। अब वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस का टीका बना लिया है। इसके लिए कई ठीके बन गए है। दुनिया भर में अब इसके लिए वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है। भारत ने भी वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। कोरोना से बचने के लिये वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है।

कोरोना महामारी के बाद ब्लैक फंगस का मामला तेजी से बढ़ रहा है। हाल में ही देश की राजधानी दिल्ली समेत देश के 11 राज्यों ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है।

आम लोगों के मन में एक सवाल है कि किसी भी बीमारी को महामारी कब घोषित करते हैं? और इसे महामारी कौन घोषित करता है? किसी बीमारी को जब महामारी घोषित कर दिया जाता है तो इसके इलाज में किस तरह का बदलाव आता है? आज हम ऐसे सवालों की जांच पड़ताल करेंगे।

महामारी –

जब कोई बीमारी बहुत तेजी से संक्रमण के रूप में बढ़ने लगती है और इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग इससे संक्रमित होने लगते हैं। लोगों की जान जाने लगती है तब केंद्र सरकार या राज्य सरकार The Epidemic Diseases Act 1897 के तहत उसे महामारी घोषित कर देती है।

महामारी इसलिए घोषित किया जाता है जिससे बीमारी के इलाज में एकरूपता लाई जा सके और सभी को सूचित किया जा सके कि उससे कैसे निपटना है। उस  बीमारी के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का उचित उपयोग ज्यादा से ज्यादा लोगों पर करके लोगों की जान बचाने की कोशिश की जाती है।

पेंडेमिक (Pandemic) क्या है ? –

वैश्विक स्तर पर जब किसी क्षेत्र विशेष में फैली बीमारी को  महामारी (Epidemic) घोषित किया जाता है और  विश्व के कई हिस्सों में फैली बीमारी को Pandemic कहा जाता है।

वैश्विक स्तर पर यह काम विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किया जाता है। महामारी घोषित करने के बाद सरकारी प्राइवेट अस्पतालों को केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग या उसके संगठन के द्वारा विशेष अधिकार प्राप्त कमेटी के दिशा निर्देशन का पालन करना होता है।

जब किसी बीमारी को महामारी घोषित किया जाता है तो सभी जिलों में चेक डिस्टिक मेडिकल ऑफिसर के अंतर्गत एक कमेटी का गठन होता है और वह बीमारी की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों को इसमें शामिल करता है और कानून को लागू करने की जिम्मेदारी जिलाधिकारी व एसएसपी की होती है।

यह कमेटी प्रतिदिन बैठक करके जिले में संक्रमण की स्थिति की चर्चा करती है और रिपोर्ट को राज्य और केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी जाती है।

दिल्ली सरकार ने 27 मई 2021 को ब्लैक फंगस या म्युकर माइक्रोसिस को महामारी घोषित किया है। कोरोना वायरस को केंद्र सरकार ने पहले ही महामारी घोषित कर दिया था। इसके पहले चेचक और प्लेग जैसी बीमारियों को भी महामारी घोषित किया गया था।

जब किसी बीमारी को फैलने से रोकने के लिए उसे महामारी घोषित किया जाता है तो सरकार के पास यह अधिकार होता है कि वह कोई भी ऐसा विशेष कदम उठा सकती है जो वह सामान्य स्थिति में नहीं उठा सकती।

जैसे कि आवागमन को प्रतिबंधित करना, बाजार फैक्ट्री को खोलने पर प्रतिबंध लगाना, चुनाव को रद्द करना, प्राइवेट वस्तुओं व दवाइयों का अधिकतम मूल्य निर्धारित करना आदि।

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