मास्क कोरोना के अलावा टीबी, अस्थमा और निमोनिया जैसी बीमारियों से भी बचाता है

मास्क कोरोना के अलावा टीबी, अस्थमा और निमोनिया जैसी बीमारियों से भी बचाता है

भारत भर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर देखी जा रही है। कोरोना वायरस के खिलाफ लोगों के मन में डर कम हो गया है। लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं।

नतीजा यह है कि पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के लाखो मामले दर्ज किए गए। पिछले साल की तुलना में इस बार अधिक मामले सामने आए हैं।

हालात फिर से 2020 जैसे हो रहे। इस बार पिछले साल के मुकाबले तेजी से लोगों में यह वायरस बढ़ रहा है। हर दिन रिकॉर्ड की संख्या में लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण हो रहा है।

शुरुआत से ही लोगों को यह कहा जा रहा था कि मास्क पहनो, लेकिन इसके बावजूद बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो मास्क नहीं पहन रहे हैं या फिर ऐसे पहन रहे हैं जिससे कोरोना वायरस से बचा नहीं जा सकता है।

लेकिन लोगों को शायद यह बात नहीं मालूम है कि मास्क पहनने से कोरोना के अलावा टीबी, अस्थमा, निमोनिया जैसी बीमारी से भी बचा जा सकता है।

पिछले दिनों लखनऊ के किंग जॉर्ज यूनिवर्सिटी के श्वास रोग के विशेषज्ञ डॉ सूर्यकांत ने कहा था कि मास्क पहनने से कोरोना वायरस महामारी से नही नही बचा जा सकता है बल्कि इससे टीबी, अस्थमा, निमोनिया और एलर्जी जैसी बीमारी से भी बचा जा सकता है।

बता दे बढ़ते प्रदूषण में मास्क पहनना जरूरी होता जा रहा है। मास्क पहनने से स्वास्थ्य से जुड़े लगभग सभी बीमारियों से बचा जा सकता है। मालूम हो कि डॉ सूर्यकांत इंडियन कॉलेज आफ एलर्जी अस्थमा एंड इम्यूनोलॉजी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण के असर से फेफड़े तो प्रभावित होते हैं साथ में शरीर के अन्य हिस्सों पर भी इसका प्रभाव देखा जा सकता है। कम तापमान और इस धूल की वजह से धूल के कण ऊपर नहीं उठ पाते हैं।

और ये नीचे ही रह जाते हैं। जो बैक्टीरिया और वायरस को खुद में वहन करते हैं और फैलते हैं। ऐसे में बिना मास्क लगाए घर से बाहर निकालने पर सांस के जरिए कोरोना वायरस के अलावा टीबी, अस्थमा, निमोनिया जैसी कई सारी बीमारियां हमारे शरीर में आ सकती हैं।

डॉ सूर्यकांत ने अपने वक्तव्य में इस बात पर जोर दिया था घर से बाहर निकलते समय अपने मुंह और नाक को अच्छी प्रकार से ढक कर ही बाहर निकले।

मास्क लगाकर ही निकले क्योंकि ऐसा करने से बैक्टीरिया से जुड़ी लगभग सभी बीमारियां जैसे कोरोना वायरस टीबी, निमोनिया अस्थमा व प्रदूषण की वजह से विभिन्न तरह की एलर्जी से इंसान बच सकता है।

मालूम हो कि वायु प्रदूषण में नैनो पार्टिकुलेट मैटर है यानी पीएम 2.5 माइक्रोन या उससे भी बहुत छोटा कण होते हैं जो शरीर के अंदर पहुंचकर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।

यह सांस लेने के रास्ते से इसमें तक पहुंच जाते हैं और फेफड़े को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में इनसे बचने के लिए मास्क पहनना बेहद जरूरी है।

अभी भी कोरोना वायरस महामारी से भी बचने का सबसे कारगर तरीका यही है मास्क पहने और 2 गज की दूरी का पालन करें। इसके अलावा कोई भी सतह या ऐसी चीजेंछूने पर बार-बार हाथ धोते रहें।

बिना मतलब सार्वजनिक जगहों पर न जाएं, इस तरह इन नियमो के पालन से खुद को भी इस महामारी से बचाया जा सकता है साथ ही दूसरे लोगों को भी बचा सकते है।

यह भी पढ़ें :– एक शोध के अनुसार दोहरा मास्क पहनकर कोरोना वायरस से बचा जा सकता है

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