पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने दिया मोनेटाइजेशन का सुझाव

पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने दिया मोनेटाइजेशन का सुझाव

भारतीय  केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भारत सरकार को कोरोना वायरस की वजह से उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों में अर्थव्यवस्था की सेहत को सुधारने के लिए सरकार को एक निश्चित सीमा तक मोनेटाइजेशन का करने का सुझाव दिया है । मालूम हो कि मोनेटाइजेशन यानी कि विमुद्रीकरण को साधारणतया केंद्रीय बैंक द्वारा नोट छापने से जाना जाता है ।

रघुराम राजन ने भारत सरकार को सुझाव दिया है कि ऐसे समय में जब अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस की वजह से बुरी तरीके से प्रभावित हुई है तो इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार को धन जुटाने के आवश्यकता है और इस कोशिश में सरकार को मोनेटाइजेशन करना चाहिए । मालूम हो कि भारत सरकार में अर्थव्यवस्था में जान डालने के लिए तथा पैसा इकट्ठा करने के लिए चालू वित्त वर्ष में बाजार से ऋण लेने की सीमा को 54 फीसदी तक बढा दिया है और अब यह 12 लाख करोड़ रुपए के बराबर हो गया है ।

रघुराम राजन भारत की अर्थव्यवस्था के संदर्भ में एक ब्लॉग में अपना विचार जाहिर किए हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि सरकार को अर्थव्यवस्था की सेहत की चिंता करनी चाहिए और जरूरी चीजों पर पैसे खर्च करने चाहिए । रघुराम राजन ने सलाह दी है कि सरकार के इस प्रयास के तहत सरकार की प्राथमिकता तय होनी चाहिए कि वह किन आधार पर पैसे खर्च करेगी और अनावश्यक खर्चो में कमी लाया जाना चाहिए ।

यह भी पढ़ें : — भारत की वर्तमान अर्थव्यवस्था पर पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के विचार

बता दे कि पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अपने ब्लॉग के जरिए सरकार को राज्य की राजकोषीय घाटे की तरफ भी ध्यान देने के लिए कहा है । हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि ऐसे में विमुद्रीकरण किसी भी तरह की बाधा नहीं बननी चाहिए ।

उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण की वजह से आज तक कभी भी कोई भी बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और अगर एक सीमा तक विमुद्रीकरण के विकल्प को चुना जाता है तो इससे बहुत ज्यादा समस्या नहीं होनी चाहिए । सरकार द्वारा पहले भी भारतीय मुद्रा का विमुद्रीकरण केंद्रीय बैंक द्वारा नोट की छपाई की जारी किया गया है सरकार यह विकल्प चुन सकती है बशर्ते केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रा की छपाई एक सीमा तक होनी चाहिए ।

पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने “Monetization : Neither game changer nor catastrophe in abnormal times” नाम से लिखे ब्लॉग पोस्ट में ये सब बातें कही है । रघुराम राजन ने अपने ब्लॉग में कहा है कि काफी लोगों को इस बात की काफी चिंता हो रही है कि केंद्रीय बैंक बाजार घाटा की आपूर्ति करने के लिए आप नोटों की छपाई कर रहा है वहीं कुछ लोग या भी मान रहे हैं कि केंद्रीय बैंक इस समस्या से निपटारे के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है ।

रघुराम राजन ने कहा है कि कोरोना वायरस की वजह से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों में अगर मोनेटाइजेशन यानी कि  विमुद्रीकरण किया जाता है तब यह न ही गेम चेंजर बन सकता है और न ही बहुत बड़ी तबाही ही लाने वाला है। सरकार को इससे थोड़ी मदद जरूर मिल जाएगी।

हालांकि उन्होंने आगे यह भी कहा की सरकार अपनी वित्तीय दिक्कतों को पूरी तरीके से इस मोनेटाइजेशन के जरिये सुलझा तो नहीं पाएगी लेकिन इससे कुछ मदद जरूर हो जाएगी और मोनेटाइजेशन की वजह से बहुत ज्यादा महंगाई दर भी नही बढ़ पाएगी । लेकिन हां मोनेटाइजेशन का अगर गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाएगा तो यह अर्थव्यवस्था के लिए समस्या उत्पन्न जरूर कर देगी

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