क्या अब टेस्ट मैच 5 दिन के बजाय 4 दिन ही खेला जाएगा

क्या अब टेस्ट मैच 5 दिन के बजाय 4 दिन ही खेला जाएगा

पिछले 10 सालों में टी 20 प्रारूप के क्रिकेट ने काफी सफलता हासिल की है ।क्रिकेट का यह प्रारूप लोगों को जमकर भाया और इसी के साथ क्रिकेट में बाजारवादी हावी हो गया । अब दुनिया भर में चल रही लीग और अंतरराष्ट्रीय समिति सीमित ओवर के प्रारूप के बीच 5 दिन का टेस्ट मैच खेलने से अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को खिलाड़ियों के कार्यक्रम प्रबंधन की याद आई है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने 2023 से 4 दिन का टेस्ट मैच आयोजित करने की बात कही है । क्रिकेट के प्रारूप से छेड़छाड़ के पीछे बाजारवाद ही नजर आ रहा है ।

ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि आईसीसी 5 के बजाय 4 दिन का टेस्ट मैच करवा कर बाकी दिनों में कोई अन्य सीमित ओवर का प्रारूप टूर्नामेंट कराना चाहती है । टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए एक सबक होता है जिसमें उतार-चढ़ाव से खिलाड़ी गुजरते हैं । खिलाड़ियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होने का टेस्ट मैच के दौरान ही पूरा मौका मिलता है ।

ऐसे में खिलाड़ी इस बात के लिए राजी होंगे कि टेस्ट मैच 5 दिन के बजाय सिर्फ 4 दिन ही खेला जाए । हालांकि 10 साल में स्थितियां काफी बदल गई हैं और साल 2019 में सबसे ज्यादा 67% टेस्ट मैच पूरे पांच दिन नही खेले जा सके, नतीजा पहले ही आ गया ।

टेस्ट मैच खेलने वाले 12 देशों की टीम में से मुश्किल से 4- 5 देश की टीम ही एक दूसरे को कड़ी चुनौती दे पाते हैं । भारत और ऑस्ट्रेलिया मजबूत टीम में शामिल है । भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए पिछले ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर टेस्ट सीरीज में भारत में 2-1 से जीत हासिल की थी, जिसमें एक मैच ड्रा रहा था ।

यह चारों टेस्ट मैच 5 दिन तक चले थे और दोनों टीम के खिलाड़ियों ने संघर्ष दिखाया था । लेकिन 2019 में खेली जा चुके अन्य पांच मुकाबले में मैच मात्रा 2 से 4 दिन में ही खत्म हो गए । ऐसे में टेस्ट क्रिकेट में मौजूद टीम में से मजबूत टीम ही जब आमने-सामने हुए तभी मैच 5 दिन तक चला नहीं तो 4 दिन में ही परिणाम देखने को मिल गए ।

अब भले ही 4 दिन का टेस्ट मैच कराने का माहौल बन रहा है लेकिन एक समय ऐसा भी था जब टेस्ट मैच टाइम लेस यानी समय की बाध्यता के बिना टेस्ट मैच होते थे । 3 से 4 दिन तक चलने वाले टेस्ट मैचों के परिणाम का प्रतिशत लगभग समान ही रहा है । लेकिन जब टेस्ट मैच 5 दिन तक खेला गया है तो उसका प्रतिशत बढ़ गया है ।

टेस्ट मैच की शुरुआत से 123 साल का अगर रिकॉर्ड देखें तो 60% टेस्ट मैचों में जीत हासिल हुई है । लेकिन पिछले 18 सालों का परिणाम देखे तो यह प्रतिशत 76% तक पहुंच गया । 2019 में 67% टेस्ट मैच पूरे 5 दिन तक नहीं खेली जा सके परिणाम 3 से 4 दिन में ही आ गए । तो हो सकता है 2023 से टेस्ट मैच 5 दिन के बजाय आप सिर्फ 4 दिन ही खेला जाने लगेगा ।

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