कोरोना वायरस हवा से फैल रहा है

डब्ल्यूएचओ ने माना ‘कोरोना वायरस के हवा से फैलने की बात को इनकार नहीं किया जा सकता’

डब्ल्यूएचओ (World Health Organization -विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने इस बात को मान लिया है कि कोरोना वायरस हवा से फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस बात से इंकार नहीं कर सकते हैं कि कोरोना वायरस हवा से नहीं फैल रहा है।

मालूम हो कि इस तरह डब्ल्यूएचओ ने 200 से अधिक वैज्ञानिकों द्वारा कहि गई बात को स्वीकार कर लिया है कि कोरोना वायरस हवा से पहले रहा है और जल्दी विश्व स्वास्थ्य संगठन इसके लिए नया निर्देश जारी कर सकता है!

मालूम हो कि 200 से अधिक वैज्ञानिकों के समूह में डब्ल्यूएचओ के नाम एक खुला पत्र लिखकर कहा था कि कोरोना वायरस हवाओं से फैल रहा है और डब्ल्यूएचओ को इसके लिए नए सिरे से नया दिशा निर्देश जारी करना चाहिए।

डब्ल्यूएचओ के कोरोना वायरस महामारी के तकनीकी प्रमुख ने एक ब्रीफ समाचार एजेंसी को बताया है कि कोरोना वायरस एयरोबिक्स ट्रांसमिशन और एयरोसोल ट्रांसमिशन से फैल रहा है, जो वैज्ञानिक कर रहे हैं हम इससे इनकार नहीं कर सकते हैं।

मालूम हो कि इसके पहले भी कोरोना वायरस को लेकर डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि कोरोना वायरस को फैलाने वाला वायरस सांस से जुड़ी बीमारियों का भी कारण बनता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके पहले कहा था कि प्रमुख रूप से कोरोना वायरस, कोरोनावा यरस से संक्रमित व्यक्ति के खाँसने और छींकने से नाक और मुंह से निकलने वाले स्माल ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलता है, साथ ही संक्रमित व्यक्ति द्वारा सतह के छूने से भी लिया फैलता है।

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मालूम हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय जेनेवा में स्थित है। जेनेवा स्थित ‘क्लीनिक इंफेक्शन डिजीज’ जनरल में 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने डब्ल्यूएचओ के नाम एक खुला पत्र लिखा था और उसमें वैज्ञानिकों ने प्रमाण दिया था कि हवा में मौजूद कोरोना वायरस के छोटे-छोटे कणों की वजह से लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो रहे हैं और वैज्ञानिकों ने डब्ल्यूएचओ से कोरोना वायरस से बचाव के लिए नीर दिशा निर्देश जारी करने का आग्रह भी किया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बात को मान लिया है कि कोरोना वायरस हवा से फैल रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बात को मान लिया है कि कोरोना वायरस हवा से भी फैल रहा है।

मंगलवार को न्यूज़ ब्रीफिंग के दौरान डब्ल्यूएचओ की तकनीकी प्रमुख ने कहा है कि इसके पहले भी इस बात की आशंका जताई गई थी कि कोरोना वायरस हवा से फैल सकता है लेकिन इसके लिए कोई निश्चित सबूत नही था उन्होंने यह भी माना है कि सभी जगहों पर हवा से कोरोना वायरस के फैलने की संभावना से इनकार नहीं कर सकते हैं।

विशेष रुप से उड़ जगह पर जो भीड़ वाली जगह हो या फिर बंद जगह हो गया है या फिर ऐसी जगह हो जहां पर हवा ठीक से पास ना होती हो। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि अभी इसको लेकर और ज्यादा सबूत इकट्ठा करने और उसके व्याख्या करने की जरूरत है।

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डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस संक्रमण के आकलन में कोई बदलाव नहीं किया है और एक मीटर की शारीरिक दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी को लेकर आने वाले समय में स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक संक्षिप्त वैज्ञानिक विवरण भी प्रकाशित किया जाएगा।

मालूम हो कि भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित होने का आंकड़ा बढ़कर 9,91,419 पहुच गया है और मरने वालों की संख्या 20,642 हो गई है। दुनिया में कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित देश अमेरिका है, उसके बाद दूसरे स्थान पर ब्राजील और तीसरे स्थान पर भारत है।

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