डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का दावा 80 फीसदी जनसंख्या होगी कोरोना वायरस की शिकार !

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का दावा 80 फीसदी जनसंख्या होगी कोरोना वायरस की शिकार !

जैसा कि मालूम है कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से फैल कर चीन और उसके बाद दुनिया के देशों में फैल रहा है । कोरोना वायरस एक ऐसा वायरस है जिसका कोई भी इलाज अभी तक ढूंढा नहीं जा सका है , न ही इसका कोई टीका है । कोरोना वायरस की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है और दुनिया भर के विभिन्न देशों में विभिन्न क्षेत्रों में मंदी देखने को मिल रही हैं ।

अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ ) ने कोरोना वायरस के खतरे को गंभीरता से लेते हुए इसके परिणाम को लेकर काफी चिंतित है । विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनियाभर के देशों को कोरोना वायरस से रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए निर्देश जारी किए हैं ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी किए गए निर्देश में कहा गया कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए तत्काल ही कदम उठाए जाने की जरूरत है । अगर दुनिया के सभी देश अभी से ही साथ मिलकर काम करना प्रारंभ नहीं करेंगे तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं । स्पूतनिक वेबसाइट मे कोरोना वायरस से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है ।

उप्साला विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर ब्योर्न ऑलसेन  जो कि संक्रमण विभाग के प्रोफेसर हैं, उनका मानना है कि कोरोना वायरस को लेकर जो स्थिति वर्तमान में है यह यदि और ज्यादा बिगड़ती है तो इससे यह महामारी का रूप धारण कर लेगी।

जिसकी वजह से दुनिया की 60 से 80% तक की जनसंख्या कोरोना वायरस की वजह से संक्रमित हो जाएगी, क्योंकि आज के पहले कभी भी ऐसा नहीं हुआ है जब कोई भी देश इतनी बड़ी संख्या में किसी वायरस की वजह से प्रभावित हुआ हो । कोरोना वायरस से निपटने के लिए किसी भी देश के पास कोई बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है । वैज्ञानिक कोरोनावायरस के लिए टीका खोजने में लगे हुए हैं लेकिन अभी तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली ।

कोरोना वायरस एक ऐसा संक्रमण है जो अब के पहले कभी नहीं पाया गया था । यह वायरस कोई फ्लू का वायरस नहीं है और ना ही किसी महामारी के रूप में पहचानने के योग्य है । दुनिया भर में स्थित देशों की स्थिति अलग अलग है । इस वायरस में बचाव ही एकमात्र तरीका है जिससे कोरोनावायरस से बचा जा सकता है । लेकिन इसके बावजूद दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो कोरोना वायरस से बचने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाएंगे ।

एक बेहतर स्थिति यह है कि वसंत और गर्मियों के मौसम में कोरोना वायरस के फैलने की गति में कमी आ सकती है और शरद की ऋतु में इसके वायरस मर सकते हैं । मगर फिलहाल ऐसी कोई स्थिति दिख नहीं रही है । इस प्रकार यदि ओल्सेन की भविष्यवाणी को सही मान लिया जाए तो 1 साल में करीब 80 मिलियन लोग कोरोना वायरस के शिकार हो जाएंगे और यदि कोरोना वायरस से निपटने के लिए सही समय पर उनका इलाज नहीं किया गया तो इससे उनकी मौत भी हो सकती है ।

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